गुंडई दबंगई के बल पर प्रधान ने जोती किसान की फसल, पीड़ित किसान ने लगाई न्याय की गुहार

गुंडई दबंगई के बल पर प्रधान ने जोती किसान की फसल, पीड़ित किसान ने लगाई न्याय की गुहार

जिला हरदोई (Hardoi) की तहसील संडीला (Tehsil Sandila) अन्तर्गत थाना कासिमपुर (Kasimpur) की ग्राम पंचायत अकोहरा नेवादा (Akohara Nevada) का मामला प्रकाश में आया। अकोहरा नेवादा गाँव निवासी 80 वर्षीय झम्मन पुत्र चंदन (Chandan) ने 31 अगस्त को अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ (Lucknow) को दिए प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि हमारे भूमि गाटा संख्या 556 खा/क्षेत्रफल 02530 हेक्टेयर पर विपक्षी ग्राम प्रधान राम रतन (Ram Ratan) पुत्र मंगू (Mangu), संजय (Sanjay), संतोष (Santosh) पुत्र राम रतन निवासी बड़ेल खेड़ा (Badel Kheda) मजरा अकोहरा नेवादा ने जबरदस्ती गुंडई दबंगई कर प्रार्थी की खड़ी धान की फसल को जोत कर नवनिर्माण कराना चाहते हैं, इस्तेमाल हेतु किए जाने वाली सामग्री मौके पर पड़ी है। जिसे तत्काल हटाया जाए।

प्रार्थी अत्यंत गरीब किस्म का वृद्ध व्यक्ति है उसके पास यही एक रोजी रोटी का जरिया हैं। कई वर्ष पूर्व में उक्त भूमि पर राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा पैमाइश कराकर मेड़बंदी कर दी गई थी। तब मौके पर मौजूद प्रार्थी की पुत्री को विपक्षियों ने गाली गलौज किया जिसके संबंध में थाना कासिमपुर में शिकायती पत्र दिया गया जिसकी सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित झम्मन के अनुसार उन्होंने अपने पुराने पट्टे की भूमि को बरकरार बनाए रखने के लिए तहसीलदार (Tehsildar) से लेकर हरदोई जिलाधिकारी सहित स्थानीय थाने पर कई प्रार्थना पत्र दिए जिनके संबंध में पट्टे भूमि की पैमाईश करने पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल धीरेंद्र सिंह (Dhirendra Singh) ने उक्त भूमि को संक्रमणीय भूमि बता कर चलते बने। उनके अनुसार उक्त मामले की रिपोर्ट बना कर उप जिलाधिकारी को सौंप दी है। आदेश मिलते ही टीम बना कर पुनः पैमाइश की जायेगी।

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https://youtu.be/rtVRg9nHokM

वृद्ध पीड़ित झम्मन के अनुसार उन्हें थाने बुलाए जाने के पश्चात विपक्षी निर्माण कार्य को प्रारंभ कर देते हैं क्षेत्रीय लेखपाल ने विपक्षियों के पक्ष में नपाई कर दी है मौके पर पुलिस की मौजूदगी में ग्राम प्रधान के पुत्रों ने लाठी-डंडों के साथ दौड़ा कर मार पिटाई करने का प्रयास किया पर पुलिस मौके पर मूकदर्शक बन वीडियो (Video) बनाती रही। उप जिलाधिकारी का सरकारी फोन न उठने के दौरान मामले संबंधी जानकारी देते हुए तहसीलदार ने बताया कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है अगर कोई प्रार्थना पत्र आता हैं कार्यवाई अग्रेषित कर दूंगा। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल ने गोलमोल जवाब देते हुए मामले को टालने का प्रयास किया जिससे साफ प्रतीत होता है कि जिम्मेदार भू माफिया प्रवृत्ति के वर्तमान प्रधान के साथ पूरी तरह से मिले हुए है। वृद्ध पीड़ित आज भी न्याय की गुहार लगाते हुए दर-दर भटकने को मजबूर है।

अखिलेश बाथम